यात्रा से पहले
स्वस्थ तीर्थयात्रा की शुरुआत घर से ही होती है।
- अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है या नियमित चिकित्सा देखभाल की ज़रूरत होती है, तो यात्रा से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से परामर्श करें।
- अगर आपको मधुमेह, हाई बीपी, या हृदय, फेफड़ों या गुर्दे की बीमारी है, आप गर्भवती हैं, या बुज़ुर्ग हैं, तो यात्रा से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श करें।
- डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाइयों की सूची की एक प्रति, संबंधित चिकित्सा रिकॉर्ड और आपातकालीन संपर्क का विवरण साथ रखें।
- बच्चों के लिए सुझाए गए टीकों के बारे में अपने डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी से बात करें।
- पूरे प्रवास के लिए पर्याप्त दवाइयाँ साथ रखें, और साथ में अपने डॉक्टर के पर्चे की एक प्रति भी।
- अगर आपके पास आयुष्मान भारत या MJPJAY कार्ड है, तो उसे साथ रखें।
- अपने पास एक कार्ड रखें, जिस पर आपका नाम, रक्त समूह, स्वास्थ्य समस्या, नियमित दवाइयाँ और एक आपातकालीन संपर्क लिखा हो।
- अगर आपको बुख़ार, उल्टी, दस्त या कोई अन्य ऐसी बीमारी है जो संक्रामक हो सकती है, तो डॉक्टर की सलाह लें और सुरक्षित होने तक यात्रा टालने पर विचार करें।
स्वास्थ्य समस्याओं वाले श्रद्धालुओं के लिए
लंबा पैदल चलना, कतारों में इंतज़ार, गर्मी और अनियमित भोजन पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। ऐसी समस्याओं वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
- मधुमेह: भोजन या दवाइयाँ न छोड़ें, और रोज़ अपने पैरों की जाँच करें कि कहीं कट या छाले तो नहीं हैं।
- हाई बीपी और हृदय रोग: दवाइयाँ समय पर लें, ज़्यादा परिश्रम से बचें, और सीने में दर्द हो या साँस फूले तो तुरंत रुककर आराम करें।
- दमा और फेफड़ों की बीमारी: अपना इनहेलर हर समय साथ रखें, और घनी भीड़ व धुएँ से बचें।
- गर्भावस्था: सबसे ज़्यादा भीड़ वाले दिनों और घनी भीड़ से बचें, और अपना प्रसव-पूर्व जाँच कार्ड साथ रखें।
- बुज़ुर्ग श्रद्धालु: बार-बार रुककर आराम करें, लंबी कतारों से बचें, और हमेशा किसी साथी को अपने साथ रखें।
- इन स्थितियों में तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए निकटतम स्वास्थ्य चौकी पर जाएँ:
- साँस लेने में कठिनाई या सीने में दर्द।
- निढाल होकर गिर पड़ना, बेहोशी, भ्रम या दौरे पड़ना।
- शरीर में पानी की गंभीर कमी, लगातार उल्टी और चल न पाना।
सुरक्षित पानी और भोजन
बड़े जमावड़ों में मानसून के दौरान होने वाली ज़्यादातर बीमारियाँ असुरक्षित पानी और भोजन से होती हैं।
- केवल निर्धारित सुरक्षित पेयजल केंद्रों का पानी या सीलबंद बोतलबंद पानी ही पिएँ। नदी की धारा से सीधे कभी पानी न पिएँ।
- साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएँ या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र का उपयोग करें। खाने से पहले और सार्वजनिक शौचालयों के उपयोग के तुरंत बाद यह बेहद ज़रूरी है।
- केवल ऐसे विक्रेताओं से भोजन लें जिनके पास लाइसेंस हो और जिनका निरीक्षण हो चुका हो। तीव्र आंत्रशोथ (गैस्ट्रोएंटेराइटिस) या हैज़ा से बचने के लिए सुनिश्चित करें कि भोजन ताज़ा पका हो और गरमागरम परोसा जाए।
- खुले में रखे, कच्चे या पहले से कटे फलों, और मक्खियों के संपर्क में आए भोजन से बचें।
- नदी का पानी न पिएँ।
- पानी का असामान्य रंग या गंध, पानी में दिखाई देने वाला कोई अपशिष्ट बहाव, या किसी रसायन के संपर्क में आने की आशंका हो, तो इसकी सूचना अधिकृत अधिकारियों को दें।
- अज्ञात औद्योगिक कचरे या रासायनिक अवशेषों को न छुएँ और न ही इकट्ठा करें।
- अगर ऐसे संपर्क की आशंका हो, तो उसके स्रोत से दूर हट जाएँ और डॉक्टर की सलाह लें। चिकित्सक को बताएँ कि यह संपर्क कहाँ और कैसे हुआ हो सकता है।
साथ रखने के लिए ज़रूरी स्वास्थ्य सामग्री की सूची
- हैंड सैनिटाइज़र और तरल साबुन
- फ़ेस मास्क और रूमाल
- पुनर्जलीकरण लवण, यानी ओआरएस (ORS) के पैकेट
- आपकी रोज़ की निजी दवाइयाँ (2 हफ़्ते की अतिरिक्त मात्रा साथ रखें)
- आपके चिकित्सा इतिहास की एक प्रति और आपातकालीन संपर्क नंबर
पर्यावरणीय जोखिम
| ख़तरा / स्थिति | संपर्क कैसे होता है | संकेत और लक्षण | रोकथाम और बचाव के उपाय |
|---|---|---|---|
| गर्मी से थकावट और लू लगना | लंबे समय तक गर्मी, उमस, शारीरिक परिश्रम, शरीर में पानी की कमी और घनी भीड़ | बहुत पसीना आना, कमज़ोरी, चक्कर आना, जी मिचलाना; भ्रम या निढाल होकर गिर पड़ना लू लगने का संकेत हो सकता है | सुरक्षित पानी पिएँ, छाया में आराम करें और गर्मी से जुड़ी सलाह का पालन करें; भ्रम या निढाल होकर गिर पड़ने पर आपातकालीन इलाज ज़रूरी है |
| निर्जलीकरण (शरीर में पानी की कमी) | पर्याप्त तरल पदार्थ न लेना, दस्त, उल्टी और देर तक पैदल चलना | प्यास, मुँह सूखना, चक्कर आना, पेशाब कम होना और कमज़ोरी | नियमित रूप से सुरक्षित तरल पदार्थ पिएँ और लक्षण गंभीर हों तो इलाज करवाएँ |
| बाढ़ और नदी का बढ़ता जलस्तर | भारी बारिश, नदी के ऊपरी हिस्से से छोड़ा गया पानी, जलभराव और उफनती नालियाँ | डूबने, चोट लगने और दूषित पानी के संपर्क में आने का ख़तरा | आधिकारिक अलर्ट पर नज़र रखें, निर्देश मिलने पर नदी का किनारा छोड़ दें और पानी भरे रास्तों से बचें |
| भूस्खलन और ढलान का ढहना | मूसलाधार बारिश, अस्थिर ढलानें और पहाड़ी सड़कों के आसपास मिट्टी का कटाव | पत्थर गिरना, ढलान का खिसकना, सड़कें बंद होना और चोटें | रास्ते बंद किए जाने के निर्देशों का पालन करें, और भारी बारिश में खड़ी ढलानों व पहाड़ी पगडंडियों से बचें |
| असुरक्षित पेयजल | रोगाणुओं से संदूषण, सीवेज का पानी मिल जाना या रासायनिक प्रदूषण | पानी को दूषित करने वाले तत्व के अनुसार दस्त, उल्टी या अन्य प्रभाव हो सकते हैं; कुछ रसायनों के संपर्क से तुरंत कोई लक्षण नहीं दिखते | जाँचे-परखे जल स्रोतों का उपयोग करें, स्थानीय सलाह का पालन करें और असुरक्षित घोषित स्रोतों से बचें |
| क्रोमियम सहित रासायनिक संदूषण | दूषित पानी के संपर्क में आना या उसे पी लेना; रसायन के अनुसार साँस के ज़रिए या त्वचा के संपर्क से | प्रभाव पदार्थ, उसकी मात्रा और संपर्क के तरीके पर निर्भर करते हैं; जलन या कोई अन्य बीमारी हो सकती है | प्रभावित स्रोतों से बचें, आधिकारिक प्रतिबंधों का पालन करें और संपर्क की आशंका होने पर डॉक्टर की सलाह लें |
| वायु प्रदूषण, धुआँ और धूल | वाहनों का धुआँ, आग, निर्माण कार्य की धूल और भीड़ भरे अस्थायी स्थल | खाँसी, आँखों में जलन, साँस में घरघराहट और साँस फूलना | धुएँ से बचें, जहाँ संभव हो हवा के आने-जाने की व्यवस्था बेहतर करें और साँस लेने में कठिनाई होने पर इलाज करवाएँ |
| आकाशीय बिजली और भीषण तूफ़ान | गरज-चमक वाले तूफ़ान के दौरान खुले स्थानों में, पहाड़ियों की चोटी पर या पानी के पास होना | जलने के घाव, हृदय गति रुकना, भ्रम या कोई अन्य चोट | किसी पक्की इमारत या बंद वाहन में शरण लें, और खुले पानी व खुले इलाक़ों से बचें |
| ख़राब स्वच्छता और कचरे का जमा होना | अपर्याप्त शौचालय, कचरे का असुरक्षित निपटान और जाम नालियाँ | आंतों में संक्रमण फैलाने वाले रोगाणुओं, कीटों और रोगवाहकों के संपर्क का ख़तरा बढ़ता है | निर्धारित शौचालयों का उपयोग करें, कचरे का सही निपटान करें, और उफनती नालियों या स्वच्छता व्यवस्था में ख़राबी की सूचना दें |
| जानवरों का काटना और रेबीज़ का ख़तरा | कुत्तों सहित ऐसे स्तनधारी जानवरों का काटना या खरोंचना, जिन्हें रेबीज़ हो सकता है | काटने के घाव; रेबीज़ के लक्षण काफ़ी बाद में उभर सकते हैं | आवारा जानवरों के पास जाने से बचें; काटने या खरोंच की जगह को साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोएँ, और रेबीज़ से बचाव के लिए तुरंत डॉक्टर से जाँच करवाएँ |
गैर-संचारी रोग और तीव्र चिकित्सा आपात स्थितियाँ
| रोग / स्थिति | यह कैसे होता है या बढ़ता है | संकेत और लक्षण | रोकथाम और बचाव के उपाय |
|---|---|---|---|
| दिल का दौरा | हृदय की धमनियों में रुकावट; जिन लोगों को इसका ख़तरा हो, उनमें परिश्रम से लक्षण शुरू हो सकते हैं | सीने में दबाव या दर्द, पसीना आना, जी मिचलाना, साँस फूलना, या बाँह या जबड़े में दर्द | डॉक्टर द्वारा बताया गया इलाज जारी रखें, ज़रूरत से ज़्यादा परिश्रम से बचें, और दिल के दौरे की आशंका हो तो आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें |
| स्ट्रोक (लकवे का दौरा) | मस्तिष्क तक ख़ून का प्रवाह रुक जाना या मस्तिष्क में रक्तस्राव | चेहरे का अचानक टेढ़ा हो जाना, बाँह में कमज़ोरी, बोलने में कठिनाई, संतुलन बिगड़ना | चेतावनी के संकेत पहचानें और तुरंत आपातकालीन इलाज लें |
| उच्च रक्तचाप की आपात स्थिति | रक्तचाप का बहुत अधिक बढ़ जाना और साथ में अंगों को तीव्र क्षति | तेज़ सिरदर्द, सीने में दर्द, साँस फूलना, भ्रम या दृष्टि में बदलाव | डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयाँ लें और चेतावनी वाले लक्षण होने पर तुरंत इलाज करवाएँ |
| मधुमेह से जुड़ी आपात स्थितियाँ | भोजन या दवाइयाँ छूट जाना, परिश्रम, बीमारी, शरीर में पानी की कमी या खान-पान में बदलाव | पसीना आना, काँपना, भ्रम, कमज़ोरी, या बहुत ज़्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आना | दवाइयाँ साथ रखें, भोजन की योजना बनाएँ और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड शुगर की जाँच करते रहें |
| दमे का दौरा | श्वसन संक्रमण, धूल, धुआँ, एलर्जी पैदा करने वाले तत्व या परिश्रम | साँस में घरघराहट, खाँसी, सीने में जकड़न और साँस फूलना | डॉक्टर द्वारा बताए गए इनहेलर साथ रखें, दौरा शुरू करने वाले कारणों से बचें, और साँस लेने में गंभीर कठिनाई हो तो तुरंत इलाज करवाएँ |
| पुराने श्वसन रोग का बिगड़ना | धुआँ, वायु प्रदूषण, संक्रमण और शारीरिक परिश्रम | खाँसी, घरघराहट, बलगम या साँस फूलने का बढ़ना | डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयाँ साथ रखें, धुएँ से बचें और लक्षण बढ़ें तो इलाज करवाएँ |
| गुर्दे की बीमारी से जुड़ी जटिलताएँ | शरीर में पानी की कमी, संक्रमण, इलाज छूट जाना या डायलिसिस में रुकावट | पेशाब कम होना, सूजन, कमज़ोरी, उल्टी या साँस फूलना | दवाइयों और इलाज की योजना पहले से बनाएँ; जिन्हें डायलिसिस की ज़रूरत होती है, वे यात्रा से पहले अपने इलाज की व्यवस्था तय कर लें |
| मिर्गी का दौरा | दौरे की बीमारी, दवा छूट जाना, नींद पूरी न होना या दौरा शुरू करने वाले अन्य कारण | ऐंठन और झटके, चेतना में बदलाव या कुछ समय के लिए भ्रम | डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयाँ लें, दौरा शुरू करने वाले ज्ञात कारणों से बचें, और सुनिश्चित करें कि आपके साथियों को दौरा पड़ने पर दी जाने वाली बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी हो |
पहले से मौजूद बीमारियाँ और संवेदनशील समूह
| समूह / संवेदनशीलता | सिंहस्थ के दौरान संभावित जोखिम | चेतावनी के संकेत या ज़रूरतें | बचाव और सहायता के उपाय |
|---|---|---|---|
| शिशु और छोटे बच्चे | शरीर में पानी की कमी, संक्रमण, देखभाल करने वालों से बिछड़ जाना और भीड़ में चोट | पेशाब कम होना, सुस्ती, बुख़ार, दस्त या साँस लेने में कठिनाई | कड़ी निगरानी, सुरक्षित भोजन और पानी, पहचान कार्ड और तुरंत डॉक्टरी जाँच |
| बुज़ुर्ग | गिरना, शरीर में पानी की कमी, हृदय संबंधी आपात स्थितियाँ, दवाइयों में रुकावट और थकावट | कमज़ोरी, भ्रम, चक्कर आना, सीने में दर्द या चलने-फिरने की क्षमता में कमी | बीच-बीच में आराम, साथी का सहारा, दवाइयाँ, सुगम्य परिवहन और भीड़ के अत्यधिक दबाव से बचाव |
| गर्भवती महिलाएँ | थकान, शरीर में पानी की कमी, गिरना, संक्रमण और इलाज तक पहुँचने में कठिनाई | रक्तस्राव, पेट में तेज़ दर्द, बेहोश होना, तेज़ सिरदर्द, या (जहाँ लागू हो) गर्भ में शिशु की हलचल कम होना | यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह लें, प्रसव-पूर्व जाँच के रिकॉर्ड साथ रखें, और प्रसूति सेवाओं वाले निकटतम स्वास्थ्य केंद्र का पता कर लें |
| दिव्यांगजन | असुगम्य मार्ग, भीड़ का दबाव और आपात स्थिति में बाहर निकलने में कठिनाई | चलने-फिरने, देखने-सुनने, संवाद या अन्य प्रकार की सहायता की ज़रूरतें | सुगम्य मार्गों की योजना बनाएँ, निर्धारित सहायता केंद्रों का उपयोग करें, और ज़रूरत हो तो किसी सहयोगी व्यक्ति के साथ यात्रा करें |
| मधुमेह से पीड़ित लोग | ब्लड शुगर का ऊपर-नीचे होना, पैरों में चोट और शरीर में पानी की कमी | पसीना आना, काँपना, भ्रम, कमज़ोरी या पैरों में घाव | दवाइयाँ और ज़रूरी सामग्री साथ रखें, भोजन की योजना बनाएँ, पैरों की जाँच करते रहें और अपनी स्थिति के अनुसार दी गई इलाज की सलाह का पालन करें |
| हृदय रोग या उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोग | परिश्रम, तनाव, गर्मी और दवाइयों में रुकावट | सीने में दर्द, तेज़ सिरदर्द, साँस फूलना या कमज़ोरी | डॉक्टर के पर्चे साथ रखें, अत्यधिक परिश्रम से बचें और चेतावनी के संकेत दिखें तो तुरंत इलाज करवाएँ |
| कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग | गंभीर संक्रमण का अधिक ख़तरा | बुख़ार या ऐसे नए लक्षण जो तेज़ी से बिगड़ सकते हैं | अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर की सलाह लें, साफ़-सफ़ाई बनाए रखें और बीमार होने पर संपर्क में आने से बचें |
| नियमित इलाज की ज़रूरत वाले लोग | डायलिसिस, ऑक्सीजन, दवाइयाँ या तय समय पर होने वाला इलाज छूट जाना | इलाज में रुकावट से जुड़े लक्षण या मूल बीमारी का बिगड़ना | इलाज और परिवहन की व्यवस्था पहले से करें, और उपयुक्त रेफ़रल स्वास्थ्य केंद्र का पता कर लें |
| मानसिक स्वास्थ्य या मनोसामाजिक सहायता की ज़रूरत वाले लोग | दिशाभ्रम, व्याकुलता, इंद्रियों पर अत्यधिक दबाव या देखभाल में रुकावट | घबराहट, भ्रम, गंभीर व्याकुलता या सुरक्षित रूप से रास्ता न ढूँढ पाना | साथी का सहारा बनाए रखें, सहायता केंद्रों का पता रखें और ज़रूरत पड़ने पर प्रशिक्षित लोगों की मदद लें |


